हमारे जीवन में अनेक प्रकार के अलग अलग समय के साथ हमारा सामना होता है जिसमे हमें सुख और दुःख दोनों को समयनुसार भोगना पड़ता है जो हमारे माध्यम से किये गये कर्मो का ही फल होता है
सुख हमारे धैर्य की परकास्टा को देखता है की हम उस समय हमारा आचरण कैसा रहता है उस समय हम लोगो के साथ कैसा आचरण करते है हमारा अहंकार हमारे ऊपर कितना हावी होता है
दुःख भी हमारे जीवन में परिच्छा लेता है लेकिन दुःख आने पर हमारा हम अंदर से कितने मजबूत है इस बात का पता चलता है दुःख में आपने और परये में अंतर का पता चलता है की हमारे साथ कौन है
दुःख भी अनेक रूपों में हमारे समाने आता है
भगवान ने हम इंसानों में जो आत्मविश्वास के रूप में हमें असीम ऊर्जा का भडार हमें दिये है वो हमारे जीवन में ईश्वर की सबसे बड़ी देन है जो की हम इंसानों में दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करता है
जिसका आत्मबल मजबूत होता है उस मनुष्य में एक अलग ही तेज होता है
=> परन्तु जीवन में कुछ दुःख बहुत ही दुखदाई होते जिसके कारण इंसान की नीव तक कमजोर पड़ जाती है
उदहारण के रूप में घर में किसी विशेष और ज़िम्मेदार के देहांत में इंसान को बहुत पीड़ा होती है उस समय प्रियजनों और को बहुत मानसिक पीड़ा होती है
2 किसी गंम्भीर बीमारी होने पर - जब हमारे शरीर में कोई गंभीर बीमारी हो जाती है तो हमारे जीवन में अनेक प्रकार के दुःख आ जाता है
जिससे की हमारा जीवन नर्क के सामान हो जाता है
ये सब भौतिक सुख होते है इसके अतरिक्त हमें मानसिक दुःख भी अनेक प्रकार के होते है
परिवार
हमारे जीवन में एक सुख जो की है वो है हमारे परिवार का सुख जो की हर किसी के नसीब में नहीं होता है कुछ लोग ही संसार में ऐसे होते है जिनको ऐसा सुख मिल पता है जिसमे की निम्न प्रकार से है
1 माता पिता ------ ये सुख हमारे जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है जिसमे की एक छोटे से लेकर बड़े होने तक का सुख हमारे जीवन में माता पिता के माध्यम से मिलता है वो हर किसी को नहीं मिल पता है
क्योकि कुछ बच्चे तो ऐसे होते है जिनको बचपन से साथ ही दुःख मिलने लगता है किसी कारण से उसके माता या पिता का देहान्त हो जाने पर
उसका जीवन नर्क के सामान होता है
इसके अतरिक्त जब बच्चा बड़ा होने लगता है तो उसके ऊपर विद्या को ग्रहण करने का दवाव होने पर उसके माता पिता का साथ न मिल पाना
जब माता पिता को आपने बच्चे से निष्कपट प्यार करने चाहिए
2 वैवाहिक सुख -------- हमारे जीवन में वैवाहिक सुख भी एक महत्वपूर्ण योगदान रखता है अगर किसी कारण से हमारा विवाह किसी गलत कन्या के साथ हो जाये तो हमारा जीवन भी नर्क के सामान होने लगता है
क्योकि ये हम कुछ और कहना और करना चाहते है और वो कुछ और करती है
जब हमारा आपस में ताल मेल नहीं मिल पता तो हमारे जीवन में अनबन होने लगता है फिर इस प्रकार के जीवन साथी को आपने जीवन से निकल देना ही सही रहता है
क्योकि उसके रहने पर हर समय दुःख होता और यदि जीवन साथी सही मिल जाये तो हमारा जीवन भी किसी भौतिक सुखो से कम नहीं है
जीवन में एक बात हमेशां याद रखना चाहिए की जीवन में हर एक औरत घर की लक्ष्मी नहीं हो सकती है लक्ष्मी होने का सौभग्य हर किसी के नसीब में नहीं होता है क्योकि और हमारे जीवन के बहुत ही उच्च स्तर के सांस्कार होते जो लगभग उसके माता पिता के माध्यम से ही उसके अंदर प्राबिस्ट होती है
जिसको ग्रहण करना हर किसी के बात नहीं होती है
3 --- संतान सुख -- ये सुख हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योकि हमारा जीवन में यदि हमारे जीवन का प्रताप कोई आगे लेके जा सकता है तो वो है हमारी संतान अगर हमरी सन्तान संस्कार उच्च है तो हमें उसके उच्च आदर्श से सुख मिलेगा और यदि ख़राब संस्कार है तो हमें जीवित अवस्थ में ही सारे दुःख मिल जाते है

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